Healthy Diet For Kids : छोटे बच्चों के लिए बेहतरीन पोस्टिक आहार | 15 Best and Healthy Diet For Kids in Hindi

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Healthy Diet For Kids : छोटे बच्चों के लिए बेहतरीन पोस्टिक आहार | 15 Best and Healthy Diet For Kids in Hindi
Healthy Diet For Kids Table Of Content in Hindi


छोटे बच्चों के लिए बेहतरीन पोस्टिक आहार क्या हो सकते है Healthy Diet For Kids In Hindi ?

अक्सर हम अपने छोटे बच्चे के खाने को लेकर काफी चिंता में रहते हैं, क्योंकि बहुत ही अच्छी चीजें होती हैं, जिनके सेवन से छोटे बच्चे का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। इसीलिए हमें Healthy Diet For Kids In Hindi के बारे में अच्छे से पता होना आवश्यक है।

क्योंकि बचपन में ही बच्चे का अच्छा विकास होना काफी आवश्यक होता है। यदि हम बचपन से ही अपने बच्चे को मजबूत बनाकर रखेंगे, तो आगे चलकर उसे कोई भी दिक्कत नहीं आएगी कई बार ऐसा होता है कि, हमें बच्चों को बचपन से ही पौष्टिक आहार का सेवन नहीं करवा पाते जिसकी वजह से उनमें बड़े होते-होते पोषक तत्वों की कमी आ जाती हैं, जिसके चलते उनका मस्तिष्क भी दूसरे बच्चों की अपेक्षा कम विकसित होता है और वह पढ़ाई में कमजोर हो जाते हैं।

इसीलिए हमें बच्चों के अच्छे खान-पान का बचपन से ही ख्याल रखना पड़ता है, ताकि उन्हें आगे चलकर कोई भी दिक्कत ना आए। इसीलिए अब हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से Nutrient Diet For Kids In Hindi तथा Diet Chart For Kids In Hindi के बारे में बताएंगे। इसी के साथ-साथ हम आपको Kids Healthy Food In Hindi के बारे में भी विस्तार से बताएंगे।

Healthy Diet For Kids : छोटे बच्चों के लिए बेहतरीन पोस्टिक आहार | 15 Best and Healthy Diet For Kids in Hindi

छोटे बच्चों के लिए पोस्टिक आहार – Healthy Food For Kids In Hindi ?

यह बात तो हम सभी जानते हैं कि, जब तक हमारा बच्चा 2 साल से कम उम्र का होता हैं, तो उसको ज्यादातर माता के द्वारा ही स्तनपान कराया जाता है या फिर गाय के दूध का सेवन करवाया जाता है। जब बच्चा 2 साल की उम्र के आस पास हो जाता हैं, तो उस समय उसके खाने-पीने का बेहद ख्याल रखना पड़ता है और उसे पोस्टिक आहार का सेवन करवाना पड़ता हैं, ताकि उसके शरीर को मजबूत बनाया जा सके। इसीलिए अब हम आपको Healthy Diet For Kids In Hindi के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके माध्यम से आप अपने बच्चे को स्वस्थ बना कर रख सकते हैं।

1. दूध का सेवन ( Milk )

छोटे बच्चों के लिए दूध भेज दिया बच्चा होता है। यदि आपका बच्चा 2 साल के आसपास की उम्र का हो गया हैं, तो उस समय भी उसे दूध पिलाना नहीं छोड़ना चाहिए। आपको अपने बच्चे को रोजाना दो गिलास दूध तो पिला ना ही चाहिए यह एक अच्छी एवं बेहतरीन विकल्प हो सकता है Healthy Diet For Kids

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एक गिलास दूध आप उसे सुबह खाली पेट पिला सकते हैं और एक गिलास दूध आप उस को सोते वक्त पिला सकते हैं, क्योंकि दूध में रहे सभी जरूरी तत्व मौजूद होते हैं, जो कि बच्चे के विकास के लिए काफी सहायक होते हैं और बच्चों की हड्डियों को मजबूत करने के लिए भी दूध एवं भूमिका निभाता हैं। इसीलिए आप अपने छोटे बच्चों को सुबह और शाम गाय के दूध का सेवन भी करवा सकती हैं।

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2. ताजे फलों का सेवन ( Fresh Fruits )

आपको अपने छोटे बच्चों को ताजे फलों का सेवन भी करवाना चाहिए। ताजे फल के रूप में आप केला, सेब, संतरा, अनार, मोसमी, पपीता आदि का सेवन करवा सकती हैं। यदि आप रोजाना दो से तीन बार अपने बच्चों को ताजे फलों का सेवन करवाती हैं, तो इस प्रकार उन्हें सभी जरूरी तत्वों को प्राप्त होते ही हैं। इसी के साथ-साथ उनका विकास भी काफी अच्छी तरह से होता हैं। इसलिए रोजाना आप अपने बच्चों को फलों का सेवन करवाइए।

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3. पानी का सेवन ( Drink Water )

आपको अपने छोटे बच्चों को पानी भी पर्याप्त मात्रा में पिलाना चाहिए। 1.5 से लेकर 2 साल की उम्र तक के बच्चे  के शरीर को रोजाना पांच से 6 गिलास पानी की आवश्यकता होती हैं। इसीलिए आप अपने बच्चों को भरपूर मात्रा में पानी जरूर पिलाई हैं। यदि आपका बच्चा पानी पीते समय मुंह बनाता है, तो उस समय आप अपने छोटे बच्चों को फलों के जूस का सेवन भी करवा सकती हैं जैसे कि आप संतरे का जूस पिला सकती हैं या फिर पपीते का जूस या फिर आम का जूस पिला सकती हैं।

हम आपको बता दें कि जूस के माध्यम से भी आपके बच्चों के शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाती है। इसीलिए आप अपने छोटे बच्चों को तीन से चार गिलास पानी पिलाने के पश्चात जूस का सेवन भी करवा सकती हैं।

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4. दाल का सेवन ( Eating Lentils )

छोटे बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य तथा विकास के लिए दाल भी अहम भूमिका निभाती है। इसीलिए आप हफ्ते में तीन से चार बार अपने छोटे बच्चों को दाल भी खिलाइए। आप अपने बच्चों को थोड़े ज्यादा पानी वाली दाल बनाकर उसका सेवन भी करवा सकती हैं इस प्रकार आपके छोटे बच्चे के शरीर को सभी जरूरी तत्व तो प्राप्त होते ही रहेंगे। इसी के साथ साथ पानी की कमी भी पूरी होती रहेगी़।

खास तौर पर छोटे बच्चों को मूंग की दाल चने की दाल या फिर साबुत उड़द की दाल का सेवन तो अवश्य करवाइए। दालों में प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में होता है, जो कि आपके बच्चों को अधिक समय तक उस जवान भी बनाए रखता है।

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5. साबुत अनाज से संबंधित आहार ( whole grain diet )

आज के समय में तो छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बहुत सी चीजें बाजार में मिलने लगी है, जो कि साबुत अनाज के द्वारा बनाई जाती हैं जैसे कि Corn Flakes , दलिया तथा मसालेदार ओट्स आप अपने बच्चों को इनका सेवन भी करवा सकती हैं।

आप सुबह नाश्ते के समय अपने बच्चों को दलिए का सेवन करवाइए या फिर सुबह मसालेदार ओट्स का सेवन करवाइए। इस प्रकार आपके बच्चे को अधिक से अधिक मात्रा में फाइबर की भी प्राप्ति होती है और उसका शरीर अधिक समय तक ऊर्जावान भी बना रहता हैं। इसीलिए इस प्रकार के भोजन का सेवन भी अपने बच्चों को जरूर करवाइए।

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6. सुबह नाश्ते में अंडे का सेवन ( Eating Eggs In Breakfast )

आपको अपने छोटे बच्चों को सुबह नाश्ते में उबले हुए अंडे भी खिलाने चाहिए। क्योंकि उबले हुए अंडे में भी भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो उनके शरीर में हर एक प्रकार की कमी को भी पूरा करते हैं और उनका पेट भी काफी लंबे समय तक भरा रहता हैं। इसलिए आप सुबह नाश्ते में अपने छोटे बच्चों को Brown Bread के साथ उबले हुए अंडे भी खिला सकते हैं।

7. पीनट बटर ( Peanut Butter )

पीनट बटर का नाम तो आपने सुना ही होगा छोटे बच्चों के विकास के लिए Peanut Butter भी काफी फायदेमंद रहती है। क्योंकि Peanut Butter मूंगफली के दानों से बनाई जाती है और मूंगफली में उच्च मात्रा में फाइबर तथा प्रोटीन होता है, जो कि आपके बच्चों को दिनभर खेलने की क्षमता भी प्रदान करता है और उन्हें हमेशा ही ऊर्जावान बनाए रखता है, क्योंकि Peanut Butter का सेवन करने से आपके बच्चों का एनर्जी लेवल भी दूसरे बच्चों की अपेक्षा काफी बढ़ जाता है। इसीलिए सुबह नाश्ते में आप ब्राउन ब्रेड के साथ पीनट बटर का सेवन भी अपने बच्चों से करवा सकते हैं।

8. ड्राई फ्रूट ( Dry Fruits )

छोटे बच्चों के विकास के लिए Dry Fruits भी अहम भूमिका निभाते हैं और यह उनके शरीर को अंदर से भी काफी मजबूत बनाते हैं। इसीलिए आपको अपने छोटे बच्चों को सुबह के समय या फिर रात को सोते समय चार से पांच बदाम खिलाने चाहिए। इसके अतिरिक्त आप अपने बच्चों को 1 दिन में दो अखरोट का सेवन भी करवा सकते हैं।

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अखरोट का सेवन करने से भी आपके बच्चे की हड्डियां काफी मजबूत बनती हैं और मांसपेशियों से संबंधित बीमारियों का खतरा भी हमेशा के लिए कम हो जाता हैं। इसके अतिरिक्त आप अपने बच्चों को काजू तथा पिस्ते का सेवन भी करवा सकते हैं।

9. नारियल पानी या फिर नारियल की चटनी  ( Coconut Water Or Coconut Chutney )

छोटे बच्चों के विकास के लिए और उनके स्वास्थ्य को अच्छा बनाने के लिए नारियल भी अहम भूमिका निभाता है। इसलिए आप अपने बच्चे को दिन में एक बार नारियल पानी का सेवन भी करवा सकते हैं, क्योंकि नारियल पानी शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति करने के साथ-साथ उन्हें ऊर्जावान भी बनाए रखता है। इसके अतिरिक्त आप सुबह नाश्ते में अपने बच्चों को नारियल की चटनी भी खिला सकते हैं।

10. हरी सब्जियां ( Green Vegetables )

आप अपने बच्चों के बेहतर विकास के लिए और उन्हें हमेशा ही स्वस्थ बनाए रखने के लिए उन्हें हरी सब्जियों का सेवन भी करवा सकते हैं, क्योंकि हरी सब्जियां पोषक तत्वों से पूरी तरह भरपूर होती हैं जो कि बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद सिद्ध होती हैं। इसलिए आप अपने बच्चों को हरी सब्जियों का सेवन करवाएं खासतौर पर पालक, पलवल घीया, तोरी, कद्दू, मटर, बींस आदि का सेवन तो जरूर करवाइए। छोटे बच्चों के लिए खीरा भी बहुत फायदेमंद होता है। इसलिए आप हीरे को सलाद के रूप में अपने बच्चों को खिला सकते हैं या फिर खीरे का रायता भी खिला सकते हैं।

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11. गाजर और चुकंदर का जूस ( Carrot and Beet Juice )

छोटे बच्चों को हमें गाजर और चुकंदर के जूस का सेवन भी करवाना चाहिए, क्योंकि गाजर और चुकंदर दोनों ही अनेकों प्रकार के पोषक तत्वों से तो भरपूर होती हैं। इसी के साथ-साथ यह खून की कमी ( Anemia ) को भी काफी जल्दी पूरा करती हैं। इसलिए आप अपने छोटे बच्चों को गाजर तथा चुकंदर के जूस का सेवन भी जरूर करवाएं।

12. मिक्स वेजिटेबल सैंडविच ( Mix Vegetable Sandwich )

छोटे बच्चों को स्नैक्स खाने बहुत ही पसंद होते हैं, इसलिए आप सुबह नाश्ते में अपने छोटे बच्चों के लिए Mix Vegetable Sandwich भी बना सकती हैं, जिसमें आप पालक गाजर मटर बंद गोभी तथा पनीर डाल सकते हैं। इस प्रकार का भोजन सुबह नाश्ते में आपके बच्चे को भी खाने में बेहद ही पसंद आएगा और इसी के साथ-साथ उसे भरपूर मात्रा में पोषक तत्व की प्राप्ति भी होती रहेगी।

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13. इडली तथा ढोकला ( Idli and Dhokla )

आप सुबह नाश्ते में अपने बच्चों को इडली या फिर ढोकले का सेवन भी करवा सकती हैं, क्योंकि इनके अंदर बहुत ही कम कैलोरी होती है और प्रोटीन ज्यादा होता है, इसलिए यह आपके बच्चे के शरीर को काफी अधिक मात्रा में प्रोटीन भी प्रदान करते हैं, जिसके कारण उसे दिनभर खेलने कूदने में काफी मदद मिलती है और दूसरे बच्चों की अपेक्षा उसका शरीर काफी ऊर्जावान भी बना रहता है।

14. देसी घी ( Desi Ghee )

आपको अपने छोटे बच्चों को बचपन से ही देसी घी का सेवन करने की आदत डालनी चाहिए। क्योंकि देसी घी पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसमें वह सभी गुण मौजूद होते हैं, जो कि आपके बच्चे के विकास में सहायक होते हैं हम आपको बता दें कि एक चम्मच घी में इतने पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो कि एक से डेढ़ गिलास दूध में होते हैं। इसलिए आपको अपने छोटे बच्चों को पानी वाली सब्जी बनाकर उनमें एक चम्मच देसी घी डालकर खिलाना चाहिए।

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image source:- Canva

15. रोटी खाने की आदत डालें ( Make a Habit of Eating Chapati )

आपको अपने छोटे बच्चों को दूसरी खाने की चीजों के साथ-साथ रोटी का सेवन भी जरूर कराना चाहिए, क्योंकि रोटी अनाज से बनी होती है और अनाज बच्चों के विकास के लिए भी सहायक होता है। इसलिए बच्चे को एक टाइम के खाने पर कम से कम एक रोटी का सेवन तो जरूर कराएं। इसके अतिरिक्त आप दूसरी खाने की चीजों का सेवन भी अपने बच्चों को करवा सकते हैं, लेकिन एक रोटी का सेवन भी जरूर करवाएं, क्योंकि इस प्रकार बच्चों को रोटी खाने की आदत भी पड़ जाती है।

हमने Healthy Diet For Kids In Hindi के बारे में तो जान लिया अब हम आपको यह बता देते हैं कि, आपको किस प्रकार की चीजें अपने छोटे बच्चे को नहीं खिलानी चाहिए और पीने की चीजों में भी आपको किन-किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

  • आपको अपने छोटे बच्चों का बाजार का जितना हो सके उतना कम खिलाना चाहिए। बहुत से लोग अपने छोटे बच्चों को बाजार का खाना बहुत ज्यादा खिलाते हैं, जैसे कि चाऊमीन बर्गर मोमोज स्प्रिंग रोल या और भी बहुत से बाहर के खाने की चीजें हैं , जो कि माता-पिता अपने छोटे बच्चों को खिलाते हैं। हम आपको बता दें कि इसकी वजह उनका स्वास्थ्य खराब हो सकता है और उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है।
  • आपको अपने घर पर भी अपने छोटे बच्चों को ज्यादा तला हुआ खाना नहीं खिलाना चाहिए, क्योंकि बचपन से ही यदि आप तला हुआ खाना अपने बच्चों को खिलाते हैं, तो उसके कारण उनको स्वास्थ्य बचपन से ही बेकार रहने लगेगा और धीरे-धीरे उन्हें इसी प्रकार के खाने की आदत पड़ जाएगी और फिर जब है 40 से 45 साल की उम्र में पहुंचेंगे, तो उन्हें अनेकों प्रकार की बीमारी होने का खतरा रहता है।
  • छोटे बच्चों को बाहर दुकान के चिप्स, पापड़ आदि का सेवन भी नहीं करवाना चाहिए। यदि आपके छोटे बच्चे बाजार की इन चीजों का सेवन ज्यादा करते हैं, तो इसके कारण भी उनका स्वास्थ्य खराब हो सकता है और उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमियां आ सकती हैं। इसीलिए कभी-कभी तो अपने बच्चों को इस प्रकार की चीजों का सेवन करवाएं लेकिन रोजाना सेवन ना करवाएं।
  • छोटे बच्चों को बचपन में ज्यादा ठंडा पानी नहीं पीने देना चाहिए। क्योंकि ज्यादा ठंडा पानी पीने के कारण भी उनका स्वास्थ्य खराब हो सकता है और उन्हें खांसी जुखाम या गले में बलगम जम सकता है, इसीलिए ना तो उन्हें ठंडे पानी का सेवन करने दे और ना ही ठंडा खाना खाने दें।
  • छोटे बच्चों को कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने से भी उनका स्वास्थ्य काफी खराब हो सकता है और धीरे-धीरे उनके लीवर पर भी काफी बुरा प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण 25 से 30 साल की उम्र में आते-आते उनका लिवर पूरी तरह खराब हो जाता है। इसीलिए कोल्ड ड्रिंक का सेवन बचपन से ही अपने बच्चों को ना करने दें यदि वह कोल्ड ड्रिंक की जीत भी करते हैं, तो आपको उन्हें घर पर ही जूस बनाकर दे देना चाहिए।
  • छोटे बच्चों को उनकी भूख के अनुसार ही खिलाना चाहिए। क्योंकि उन्हें खाने-पीने का बिल्कुल भी नहीं पता कई बार ऐसा भी होता है कि उनका पेट भर जाता है, लेकिन फिर भी वह खाते ही रहते हैं हम आपको बता दें कि, इस प्रकार भोजन करने से उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। इसीलिए अपने बच्चों को उनकी भूख के अनुसार ही खाना खाने दें, गर्मियों के मौसम में तो उन्हें कम भोजन का सेवन न करने दें, गर्मियों के मौसम में आप उन्हें पेय पदार्थों का का सेवन ज्यादा करवा सकते हैं।
  • छोटे बच्चों को ज्यादा भारी खाना नहीं खिलाना चाहिए। खास तौर पर रात के समय तो उन्हें ज्यादा भारी खाना नहीं खिलाना चाहिए। क्योंकि कहीं बाहर खाना हजम नहीं हो पाता, जिसकी वजह से उन्हें उल्टियां लग जाती है।
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Baby Care: जानिए बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बच्चे की देखभाल के बारे में जानकारी

  • आपको अपने बच्चों को गर्मियों के मौसम में धूप में ज्यादा नहीं खेलने देना चाहिए। क्योंकि धूप में खेलने के कारण भी उनका स्वास्थ्य खराब हो सकता है, इसीलिए बच्चों को धूप में ज्यादा खेलने ना दें।
  • जब आपके बच्चे बाहर धूप में से तुरंत ही घर में आते हैं, तो उस समय उनको एकदम से ही नहीं नहलाना चाहिए। क्योंकि कई बार पसीने आने पर यदि आप बच्चों को तुरंत ही स्नान करवा देते हैं, तो उसके कारण भी उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
  • सर्दियों के मौसम में सूरज ढलने के पश्चात छोटे बच्चों को बिल्कुल भी नहीं नहलाना चाहिए, क्योंकि इसके कारण भी आपके बच्चे को सर्दी खांसी जुकाम या बुखार के लक्षण दिख सकते हैं।
  • आपके बच्चे को छोटी मोटी बीमारी होने पर भी आपको अपनी मर्जी से ही कोई दवाई उसे नहीं देनी चाहिए। आपको पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और सभी उसे दवाई देनी चाहिए, क्योंकि बहुत सी दवाइयां बच्चों को नुकसान भी पहुंचा देती है।
  • जब भी आप छोटे बच्चों के लिए कोई दवाई खरीदते हैं , तो उस दवाई को खरीदते समय उसकी expiry date जरूर चेक करें। क्योंकि expiry date medicine खिलाने के कारण भी बच्चे का स्वास्थ्य तुरंत ही बिगड़ सकता है।
  • छोटे बच्चों को जानवरों से दूर रखना चाहिए। यदि आपके घर में भी कोई पालतू जानवर है, तो आपको उसे बच्चे से दूर रखना चाहिए। क्योंकि छोटे बच्चों को इस समय कुछ भी नहीं पता होता जानवर को कोई बीमारी है, तो वह भी छोटे बच्चों को आसानी से अपना शिकार बना सकती हैं इसीलिए जानवरों को बच्चों से दूर रखें।

Conclusion –

छोटे बच्चों को बचपन में क्या खिलाना चाहिए और क्या नहीं खिलाना चाहिए, इसके बीच में हमने आपको विस्तार पूर्वक बताया है। इसी के साथ-साथ हमने आपको Healthy Diet For Kids In Hindi तथा Kids Healthy Diet In Hindi के बारे में बताया हैं। यदि आपको अभी भी हमसे Diet Chart For Kids In Hindi के बारे में कुछ भी पूछना हों, तो कमेंट सेक्शन में कमेंट करके उनसे पूछ सकते हैं। धन्यवाद

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