Gallstones or Gallbladder Stone in Hindi: क्या आप भी है पित्त की थैली की पथरी से परेशान तो जानिए इसके घरेलु उपचार एवं बचाव की सम्पूर्ण जानकारी | Gallbladder Stone symptoms, causes and Treatment in Hindi

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What is Gallbladder Stone in Hindi ? पित्त की पथरी क्या है ?

पित्त की थैली यानि गॉलब्लेडर, (Gallbladder) हमारे शारीर का एक छोटा सा अंग है जो लीवर के पीछे मौजूद होता है यह लीवर को सही प्रकार से कार्य करने में मदद करता है| इसका कार्य पित्त को इकट्ठा करना और भोजन के बाद पित्त नली के माध्यम से छोटी आंत में पित्त का स्त्राव करना है|

पित्त रस हमारे शारीर में बनने वाली वसा का अवशोषण करता है I अब बात आती है की पित्त की थैली की पथरी क्या होती है और कैसे हो जाती है तो आपको बता देते है की कभी-कभी पित्ताशय में कोलेस्ट्रॉल, बिलीरुबिन और पित्त लवणों का जमाव हो जाता है जो आगे जाकर पित्त की पथरी का रूप ले लेती है|

 अधिकतर यह पथरी कोलेस्ट्रॉल की बनी होती है और समय के साथ-साथ कठोर हो जाती है तथा पित्ताशय के अंदर सख्त पत्थर का रूप ले लेती है | पित्त की थैली में पथरी हो जाने पर डॉक्टर और विशेषज्ञ केवल ऑपरेशन करने की ही सलाह देते है पर कई बार ऑपरेशन ही आखरी विकल्प नहीं बचता है |

गॉलस्टोन बनना पित्त में कोलेस्ट्रॉल और बिलीरुबिन के निर्माण के कारण होने वाली बीमारी है। जब ऐसा होता है, तो पित्त पथरी बन सकती है। कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का वसा है, और बिलीरुबिन एक प्रकार का रक्त वर्णक है। ये पदार्थ मिलकर पित्त पथरी बनाते हैं। पित्त यकृत में बनता है और आंतों में जमा होता है। यह शरीर को खाना पचाने में मदद करता है। लेकिन जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल और बिलीरुबिन की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है, तो पथरी बन सकती है।

कुछ घरेलु उपचार एवं होम्योपैथिक पद्धति द्वारा बिना ऑपरेशन भी पित्त की थैली की पथरी का इलाज Gallstones treatment in hindi संभव है | पर इलाज से जरूरी होता है बचाव और जानकारी तो चलिए आपको बताते है किन कारणों से होती है पित्त की थैली में पथरी और पित्त की थैली में पथरी के क्या लक्षण है एवं घरेलु उपचार जिसके बारे में आपको बताने जा रहे हैं. ध्यान रखें कोई भी घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले एक बार विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें |

गॉलस्टोन्स या पित्त की थैली की पथरी के लक्षण क्या है (symptoms of gallstones in Hindi)

पित्त की पथरी के लक्षण अचानक दिखाई देते हैं और आपको तेज दर्द होता है। कई बार पित्त की थैली में पथरी बिना किसी लक्षण के होती है और कई बार कुछ लक्षणों को दर्शाते हुए भी होती है। पित्त की थैली में पथरी Gallstones के दिखाई देनें वाले कुछ खास लक्षण हैं जिन्हें हमने यहाँ बताया है जिनकी मदद से आप यह सुनिश्चित कर सकते है की आपको पथरी है या नही|

कई बार ऐसा भी होता है की आपको पित्त की थैली की पथरी हो और आपको पता भी न चलता है , घबराये नहीं हम आपको डरा नहीं रहे बात ये है की यह पथरी तब तक परेशानी नहीं देती जब तक यह बड़ी होकर पित्त नलिका में फसना न शुरू कर दे जब ऐसा होता है तो यह असहनीय दर्द पैदा करती है | कभी कभी तो यह दर्द 10 मिनटों से भी अधिक समय के लिए बना रह सकता है पर एक अच्छी बात यह है की यह निरंतर नही होता |

पेट के उपरी भाग और दाहिने तरफ़ में दर्द

यदि आपके पेट के उपरी भाग के दाहिने तरफ अक्सर दर्द की शिकायत रहती है तो यह पित्त की पथरी के लक्षण (Gallstones symptoms in hindi) हो सकते है हलाकि इस तरह का दर्द कई बार पेट में गैस होने की वजह से भी उठता है पर अगर आपको यह दर्द गैस की समस्या की बिना हो तो यह संकेत पित्त की थैली में पटरी का संकेत हो सता है |

पित्त की थैली में यदि पथरी है तो आपके लीवर की कार्य प्रणाली में फर्क आ जाता है जिससे लीवर का आकार भी बढ़ जाता है जिस वजह से दर्द हो सकता है इसकी जानकारी आप LFT जाँच करा कर कर सकते है | बेहतर परामर्श के लिए अपने डॉक्टर से बात करे|

बदहजमी

ख़राब खान पान की वजह से कई बार आपको बदहजमी हो जाती है पर अगर यह अक्सर हो रही है तो यह भी लीवर में खराबी या पित्त की थैली में पथरी का एक लक्षण है | जब भी आप कुछ चिकना या मसालेदार खाते है और हर बार आपको बेहज्मी हो जाती है तो यह संकेत आपको समझने की जरूरत है|

खट्टी डकारे आना

बदहजमी या पेट दर्द के अलावा खट्टी डकारे आना भी पित्त की थैली में पथरी होने का एक संकेत है अगर आपको अक्सर खट्टी डकारे आ रही है तो संभवतः आपके पित्त की थैली में पथरी हो सकती है|

पेट फुलाना

पित्त की थैली में पथरी के कई और लक्षण भी है जिनमे पेट फूलना भी शामिल है यदि बिना वजह आपके पेट फूलता है तो आपको अपने डॉक्टर से इस विषय में बात करनी होगी हो सकता है यह पथरी होने के संकेत हो|

जानिए पित्ताशय की पथरी कैसे बनती है?

पित्ताशय की पथरी बनने के कई कारण हो सकते है जिनमे मुख्या है Bile जूस का पित्ताशय से पूरी तरह से खाली न हो पना है, अगर ऐसा होता है तो यह तरल पदार्थ कठोर रूप में पित्ताशय में इकट्ठा हो जाते है और धीरे धीरे कठोर रूप ले कर पथरी में बदल जाता है | शुरुवात में पित्ताशय की पथरी आकार में बहुत ही छोटी होती है| परन्तु लंबे समय तक ध्यान नहीं दिया जाता, तो इसका आकर बहुत तेजी से बढ़ने लगता है| जितना बड़ा आकर होगा, उतना ज़्यादा दर्द और असहजता होगी|

​ पित्त पथरी का इलाज कैसे किया जा सकता है?

जब तक आपको गंभीर दर्द न हो, आपको पित्त पथरी के इलाज की आवश्यकता नहीं हो सकती है। कई बार पथरी बिना जाने पेशाब के रास्ते निकल जाती है। यदि आपको दर्द हो रहा है, तो आपका डॉक्टर आपको अस्थायी राहत के लिए इंजेक्शन देगा, लेकिन सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है।

दुर्लभ मामलों में, डॉक्टर दवाएं लिखते हैं। यदि सर्जरी आपके लिए बहुत जोखिम भरी है, तो त्वचा के माध्यम से पित्ताशय की थैली में एक जल निकासी ट्यूब डाली जा सकती है। आप सर्जरी को तब तक स्थगित करना चाह सकते हैं जब तक कि अन्य चिकित्सीय स्थितियों का इलाज करके आपका जोखिम कम नहीं हो जाता।

​पित्त पथरी के घरेलू उपचार

पित्त की पथरी को रोकने में मदद करने के कुछ तरीके हैं स्वस्थ वजन बनाए रखना, भरपूर मात्रा में फलों और सब्जियों के साथ संतुलित आहार खाना, नियमित व्यायाम करना और तेजी से वजन घटाने से बचना।

कुछ विटामिन और खनिजों के साथ सप्लीमेंट लेने से पित्त पथरी के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। एक अध्ययन में पाया गया कि विटामिन सी और लेसिथिन लेने से पित्त पथरी के विकास के जोखिम को कम करने में विशेष रूप से सहायक हो सकता है। कुछ लोग पित्ताशय की थैली को जैतून के तेल और नींबू के रस से साफ करने की भी सलाह देते हैं।

नियमित रूप से गाजर और खीरे का रस पीने से पित्त पथरी को रोकने में मदद मिल सकती है।

रोज सुबह खाली पेट नींबू का रस पीने से आपको एक हफ्ते में फायदा होगा।

शराब, सिगरेट, चाय और कॉफी जैसी हानिकारक चीजें आपकी सेहत के लिए खराब हैं। जितना हो सके इनसे बचने की कोशिश करें।

नाशपाती पित्त पथरी के लिए अच्छे होते हैं, इसलिए पित्ताशय की बीमारियों से बचने के लिए इनका खूब सेवन करें। नाशपाती में पाए जाने वाले रासायनिक तत्व पित्त पथरी से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं।

पित्त पथरी वाले लोगों के लिए, अधिक हरी सब्जियां और फल खाने से उनके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है और उन्हें सही मात्रा में प्रोटीन भी मिल सकता है।

​गॉल ब्लैडर में स्टोन हो, तो करें इन चीजों से परहेज

मांस, रेड मीट, सूअर का मांस और चिकन जैसे खाद्य पदार्थों से बचें जो Gallbladder Stone पित्त पथरी का कारण बन सकते हैं। और अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, जैसे तैलीय मुडली।

प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से बचने का एक तरीका यह है कि फलों, सब्जियों और साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थों से चिपके रहने की कोशिश की जाए। इस तरह, हम स्वस्थ रहेंगे और पित्त पथरी की समस्या होने की संभावना कम होगी। कुछ लोग प्रोसेस्ड फूड खाना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है।

लेकिन प्रोसेस्ड फूड हमारे शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। यह हमारे पाचन में समस्या पैदा कर सकता है और हमें पित्त पथरी होने की अधिक संभावना बना सकता है। प्रसंस्कृत भोजन के हानिकारक होने के कारणों में से एक कारण यह है कि इसमें अक्सर ट्रांस फैटी एसिड होता है। ये फैटी एसिड पित्त पथरी Gallbladder Stone को बदतर बना सकते हैं।

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यदि आपको पित्त पथरी है, तो आपको उन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए जिनमें बहुत अधिक परिष्कृत तत्व होते हैं। इनमें सफेद ब्रेड, रिफाइंड आटे से बना पास्ता, पॉलिश किए हुए चावल और प्रोसेस की गई चीनी शामिल हैं। यह आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रण में रखने में मदद करेगा।

  1. जितना हो सके, फैट का सेवन कम कर दें।
  2. मल त्याग को ठोस बनाने के लिए अपने आहार में फाइबर शामिल करें।
  3. कैफीनयुक्त ड्रिंक, हाई फैट डेयरी प्रोडक्ट्स सहित दस्त का कारण बनने वाले खाद्य पदार्थ से परहेज करें।
  4. हर दिन कई छोटे मील लें। छोटे भोजन को पचाना शरीर के लिए आसान होता है।
  5. यदि आप पथरी जैसी गंभीर समस्या से दूर रहना चाहते है तो हर दिन खूब पानी पिएं लगभग 6-8 गिलास पानी आपको पीना ही है।
  6. यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो आपको इसे एक साथ बड़ी मात्रा में वजन कम करने की कोशिश करने के बजाय कई हफ्तों या महीनों की अवधि में धीरे-धीरे कम करने की कोशिश करनी चाहिए। तेजी से वजन घटाने से पित्त पथरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

यदि आपके पास कोई Gallstones symptoms पित्ताशय में पथरी लक्षण नहीं हैं, तो आपको अपने पित्ताशय में पथरी के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, आप उन्हें बड़ा होने और समस्याएं पैदा करने से रोकने में मदद के लिए जीवनशैली में बदलाव कर सकते हैं।

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